बुरहानपुर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर बुरहानपुर में मां इच्छादेवी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। भाजपा युवा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र दिनकरराव पाटिल के नेतृत्व में दादा मित्र मंडल की ओर से भव्य चुनरी पदयात्रा निकाली गई। 151 मीटर लंबी चुनरी के साथ निकली यह यात्रा 24 किलोमीटर का सफर तय कर इच्छापुर स्थित मां इच्छादेवी मंदिर पहुंची। आयोजकों के अनुसार, यात्रा में करीब 25 हजार श्रद्धालु शामिल हुए।
चुनरी यात्रा का शुभारंभ बुरहानपुर के फव्वारा चौक स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर से हुआ। मां इच्छादेवी के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु पदयात्रा में शामिल हुए। यात्रा का समापन इच्छापुर स्थित मां इच्छादेवी मंदिर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस आयोजन में धर्मगुरु दादा गुरु सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। बुरहानपुर-खंडवा संसदीय क्षेत्र के विकास और जनकल्याण की कामना के साथ आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस वर्ष चुनरी यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का आकर्षक संगम देखने को मिला। उड़ते हुए हनुमान जी की झांकी, रोबोटिक प्रस्तुतियां और हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया और धार्मिक झांकियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। महाराष्ट्र से आए ढोल पथक ने भी अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल की गूंज और माता के जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ मंदिर की ओर बढ़ते रहे।

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने चुनरी यात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। उन्होंने इस आयोजन को आस्था का सैलाब बताते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। यात्रा के प्रभारी एवं पूर्व महापौर अनिल भोसले ने भी आयोजन की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने के लिए मंडल के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने सहयोग किया।
यात्रा के नेतृत्वकर्ता गजेंद्र पाटिल ने बताया कि चुनरी पदयात्रा की शुरुआत करीब 40 लोगों के साथ हुई थी। मां इच्छादेवी के प्रति श्रद्धा और लोगों के सहयोग से यह आयोजन लगातार बड़ा होता गया और अब इसमें हजारों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, इस वर्ष करीब 25 हजार लोगों की सहभागिता रही। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहने की अपील की। पिछले 12 वर्षों से शारदीय नवरात्र के दौरान आयोजित हो रही इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं को धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
बुरहानपुर की यह चुनरी यात्रा धार्मिक उत्साह, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बनकर सामने आई। 24 किलोमीटर की पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मां इच्छादेवी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। भव्य झांकियों, ढोल पथक और पुष्पवर्षा ने आयोजन को विशेष आकर्षण दिया। आयोजकों ने इसे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण के लिए समर्पित धार्मिक आयोजन बताया।