गोरखपुर में भाजपा की ओर से बुधवार को ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ और सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ के संकल्प को लेकर आयोजित कार्यक्रम में गोरखपुर के सदर सांसद रवि किशन ने सभा को संबोधित किया। गोरखपुर के सदर सांसद और अभिनेता रवि किशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा और गुजरात मॉडल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। रवि किशन ने कहा कि 7 अक्टूबर के समय गुजरात की हालत बेहद खराब थी। न धंधा था, न पानी, न रोजगार और न ही लोगों के पास पैसा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को बदलने की सोच के साथ कांग्रेस और भ्रष्टाचार से मुक्ति का संकल्प लिया और इसी सोच से वाइब्रेंट गुजरात की शुरुआत हुई।
रवि किशन उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात के जरिए निवेश आया और नर्मदा नदी का पानी सूखा प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया गया। आज गुजरात एक रोल मॉडल बन गया है। रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे नेता हैं, जिन्होंने देशहित और गरीबों के लिए निस्वार्थ सोच के साथ काम किया। उनका उद्देश्य आखिरी पंक्ति में खड़े हर जाति-बिरादरी के व्यक्ति को सम्मान और योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनता का पैसा जनता तक पहुंचाना है।
रवि किशन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि सरकार की ओर से भेजे गए एक रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही जनता तक पहुंचते हैं। रवि किशन ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में जनता के पैसे के गायब होने की बात खुद उनके पिता ने कही थी।
राहुल गांधी के दिल्ली में हुए प्रदर्शन पर भी रवि किशन ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस के बैरिकेड पर खड़े हो गए। रवि किशन ने राहुल गांधी के इस तरीके पर सवाल उठाते हुए व्यंग्य किया कि आखिर बैरिकेड पर खड़े होकर वह क्या करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वहां खड़े होकर अब क्या कबूतर उड़ाएंगे या चील उड़ाएंगे। रवि किशन ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर इसी अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा और उनके आंदोलन के तरीके पर सवाल उठाया।

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी रवि किशन ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि अगर ज्ञानेश कुमार 2025 में चुनाव आयोग के प्रमुख बने हैं, तो उससे पहले हुए जिन-जिन चुनावों में कांग्रेस और विपक्षी दलों को जीत मिली, क्या उन चुनावों में ईवीएम उनके पिता लेकर आए थे? रवि किशन ने कहा कि आज ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन जिन चुनावों में कांग्रेस को जीत मिली, वहां ईवीएम पर कोई सवाल नहीं उठाया गया।
रवि किशन ने त्रिपुरा के हालिया चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 5 हजार सीटों पर चुनाव हुआ और बैलेट से हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी ने 4,362 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं। रवि किशन ने कहा कि यह चुनाव बैलेट पेपर से हुआ है, फिर भी जब बीजेपी ने बड़ी संख्या में सीटें जीतीं तो ईवीएम पर सवाल उठाने वाले लोग बैलेट पर सवाल क्यों नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया जा रहा है तो सभी चुनावों को लेकर एक समान सवाल होना चाहिए।
रवि किशन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के जमाने में बैलेट के जरिए चुनावों में लूट और धांधली होती थी। उन्होंने कहा कि आज ईवीएम पर सवाल उठाने वाले लोग उन चुनावों पर सवाल नहीं उठाते, जिनमें उन्हें जीत मिली थी। रवि किशन ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो जिन चुनावों में कांग्रेस जीती, वहां भी उसे इस पर सवाल उठाना चाहिए था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और उनके राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए रवि किशन ने कांग्रेस, राहुल गांधी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री को गरीबों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए निस्वार्थ भाव से काम करने वाला नेता बताया।