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काली पट्टी बांधकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध, 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बड़वानी जिले में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर काम किया और 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। साथ ही 8 जून को सीएम हाउस घेराव का ऐलान भी किया गया है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन ने ज्ञापन को शासन तक भेजकर समाधान का आश्वासन दिया है।

By: Nivedita 
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काली पट्टी बांधकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध, 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत करीब 800 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन पर उतर आए हैं। राज्य स्तरीय आह्वान के तहत कर्मचारियों ने 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया और विरोध दर्ज कराया।

सीएमएचओ को सौंपा गया ज्ञापन

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अशोक कनाड़े के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) राजेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इसमें नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से रखा गया।

2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। साथ ही 8 जून को भोपाल में सीएम हाउस के घेराव का ऐलान भी किया गया है।

नियमितीकरण सहित 8 सूत्रीय मांगें

कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में स्थायीकरण, समान काम का समान वेतन, एनपीएस लागू करना, स्वास्थ्य बीमा, महंगाई भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि और अवकाश सुविधा शामिल हैं। उनका कहना है कि वर्षों से काम करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की आशंका

संभावित हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने माना है कि इससे सरकारी अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, विशेषकर टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं।

विभाग ने भेजा प्रस्ताव शासन को

प्रभारी सीएमएचओ राजेश गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों का ज्ञापन प्राप्त हो गया है और इसे शासन स्तर पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

 

 

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