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राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी पर कांग्रेस के सवाल, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही एसआईटी को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि जांच दल में शामिल कुछ अधिकारियों पर पहले से भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिससे जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। वहीं, इन आरोपों पर एसआईटी की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

By: Nivedita 
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राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी पर कांग्रेस के सवाल, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।

एसआईटी में शामिल अधिकारियों पर लगाए आरोप

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल पाटिल ने आरोप लगाया कि एसआईटी में शामिल कुछ अधिकारियों पर पहले से भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में उन्हीं अधिकारियों को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी देना जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय लीपापोती करने का प्रयास कर रही है।

कुछ नामों को जांच के दायरे से बाहर रखने का दावा

कांग्रेस ने दावा किया कि जिन नामों को लेकर पहले सवाल उठाए जा रहे थे, उनमें चंपत राय और अनिल मिश्रा को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है। पार्टी ने कहा कि इससे जांच की पारदर्शिता पर और अधिक सवाल खड़े होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान (सीटिंग) न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। पार्टी का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सकेगी।

 

एसआईटी की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर फिलहाल एसआईटी या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आरोपों और तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल सभी की नजर जांच प्रक्रिया और उसके अंतिम निष्कर्षों पर बनी हुई है।

 

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