बुरहानपुर में दस दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। घर-घर और गणेश पंडालों में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन करने के बाद श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बप्पा को विदाई दी। विसर्जन से पहले कई स्थानों पर भगवान गणेश को 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद ढोल-ताशों के साथ श्रद्धालु गणेश प्रतिमाएं लेकर राजघाट और हतनूर घाट पहुंचे।
घाटों पर पूरे दिन ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ प्रतिमाओं को लेकर घाटों तक पहुंचे। कुछ श्रद्धालुओं ने नाव के जरिए ताप्ती नदी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। बप्पा की विदाई के दौरान कई भक्त भावुक नजर आए। वहीं, घाटों और आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।
गणेश विसर्जन को देखते हुए प्रशासन की ओर से राजघाट और हतनूर घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए राजस्व विभाग और पंचायत कर्मचारियों के साथ SDRF के जवानों को भी तैनात किया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीम को तैयार रखा गया। प्रशासन के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था दो दिनों तक जारी रहेगी।
वहीं, शहर के विभिन्न गणेश पंडालों में स्थापित बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार को किया जाएगा। विशाल प्रतिमाओं को पंडालों से निकालकर हतनूर पुलिया तक पहुंचाने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बड़े जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी इंतजाम किए जा रहे हैं।
दस दिनों तक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के बाद अब श्रद्धालुओं ने बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की कामना की। गणेश विसर्जन के साथ बुरहानपुर में गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्ति, उत्साह और भावुकता के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को विदाई दी और सुख-समृद्धि की कामना की।