गोरखपुर : शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गोरखपुर जेल में भी मां दुर्गा की आराधना की तैयारियां की गई हैं। जेल प्रशासन की ओर से व्रत रखने वाले बंदियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। जेल प्रशासन के मुताबिक, इस बार लगभग 600 बंदी नवरात्रि का व्रत रखेंगे। इनमें 57 महिलाएं और 543 पुरुष बंदी शामिल हैं। खास बात यह है कि तीन मुस्लिम बंदियों ने भी नवरात्रि का व्रत रखने की इच्छा जताई है। बंदियों के लिए दूध और फल की व्यवस्था के साथ ही मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करने की भी तैयारी है।
गोरखपुर जेल में नवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले बंदियों के लिए जेल प्रशासन की ओर से जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि इस बार कुल 600 बंदी व्रत रखेंगे। इनमें 57 महिला बंदी और 543 पुरुष बंदी शामिल हैं। व्रत रखने वाले बंदियों को जेल नियमों के तहत दूध, फल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
जेल में आस्था के रंग, तीन मुस्लिम बंदी भी रखेंगे व्रत
नवरात्रि के दौरान गोरखपुर जेल में धार्मिक आस्था और आपसी सद्भाव की तस्वीर भी देखने को मिलेगी। जेल प्रशासन के मुताबिक व्रत रखने वालों में तीन मुस्लिम बंदी भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय का कहना है कि कोई भी व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर की आराधना कर सकता है और इसमें किसी तरह की बाधा नहीं है। नवरात्रि के दौरान बंदियों को पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

बंदियों के सहयोग से स्थापित होगी मां दुर्गा की मूर्ति
जेल में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना की भी तैयारी है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पाण्डेय ने बताया कि पिछले वर्षों में बंदियों ने स्वयं मां दुर्गा की मूर्ति बनाई थी। इसके अलावा अपराध निरोधक समिति के सहयोग से भी मूर्ति स्थापित की गई थी। इस बार भी समिति के साथ बातचीत चल रही है। सहयोग मिलने पर मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की जाएगी, जिससे बंदी नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना कर सकें। नवरात्रि के अवसर पर गोरखपुर जेल प्रशासन बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए व्रत, पूजा-पाठ और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने में जुटा है। अब नवरात्रि के दौरान जेल परिसर में भी भक्ति और आराधना का माहौल देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट : अंकित श्रीवास्तव