सिंगरौली के कांग्रेस नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कार्यक्रमों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल किए जाने से सरकारी शिक्षण संस्थानों के मंच के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
चौहान ने अभियान के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगोली, चित्रकला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों और शिक्षकों की मेहनत तथा रचनात्मक प्रतिभा प्रशंसा के योग्य है। उनके अनुसार, आपत्ति विद्यार्थियों के कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में आयोजित मंचों पर राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी और उसके उद्देश्य को लेकर है।
प्रवीण सिंह चौहान ने सवाल किया कि स्कूलों में मुख्य अतिथि के चयन का आधार क्या होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए ऐसे व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिनका शिक्षा, विज्ञान, कला, खेल, सामाजिक सेवा या किसी अन्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा हो। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का चयन उनकी राजनीतिक पहचान के आधार पर किया जाता है, तो इससे सरकारी स्कूलों के मंच की निष्पक्षता को लेकर सवाल पैदा हो सकते हैं।

चौहान ने प्रदेश के शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों को राजनीतिक दलों की गतिविधियों से अलग रखना प्रशासन और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों के बीच होने वाले आयोजनों का मुख्य फोकस शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर रहे।
प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि स्कूल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का स्थान हैं। उनके मुताबिक, ऐसे कार्यक्रमों में शिक्षा, विज्ञान, संविधान, कला, खेल और सामाजिक सेवा जैसे विषयों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूलों को किसी भी राजनीतिक दल से अलग रखते हुए विद्यार्थियों के लिए निष्पक्ष और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की मांग की है।