मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा ब्लॉक स्थित ग्राम आजमपुर डोडिया में दूषित पेयजल के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीणों की तबीयत खराब हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का पानी पीने के बाद करीब 80 लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते कई ग्रामीण बीमार पड़ गए, जिससे पूरे गांव में चिंता का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और तत्काल राहत एवं उपचार कार्य शुरू किया। बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के नेतृत्व में चिकित्सा दल ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों का प्राथमिक उपचार किया। जिन लोगों की हालत अधिक गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए पिपलौदा अस्पताल भेजा गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। तहसीलदार पिंकी साठे सहित अन्य अधिकारियों ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया और आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक जल व्यवस्था शुरू की गई, वहीं संबंधित कुएं की साफ-सफाई भी कराई गई।

घटना के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को पानी के नमूने एकत्र कर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी किस कारण दूषित हुआ और बीमारी फैलने की वास्तविक वजह क्या रही।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि पेयजल स्रोतों की समय-समय पर जांच और निगरानी की जाती, तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत खराब होने की नौबत नहीं आती। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और प्रभावी निगरानी की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित लोगों का उपचार जारी है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सा केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।