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बुधनी में खबर का असर: 24 घंटे में खुला छात्रावास का बंद रास्ता, अब सीसी रोड निर्माण की उठी मांग

सीहोर जिले के बुधनी में शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का वर्षों से बंद पड़ा रास्ता खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने साफ करा दिया। हालांकि मार्ग खुलने से छात्राओं को राहत मिली है, लेकिन स्थानीय लोग अब स्थायी समाधान के रूप में सीसी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

By: Nivedita 
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बुधनी में खबर का असर: 24 घंटे में खुला छात्रावास का बंद रास्ता, अब सीसी रोड निर्माण की उठी मांग

सीहोर जिले के बुधनी स्थित शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर मैट्रिक कन्या छात्रावास तक जाने वाले बंद मार्ग को लेकर प्रकाशित खबर का असर महज 24 घंटे के भीतर देखने को मिला। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर परिषद की टीम को मौके पर भेजा, जहां जेसीबी मशीन की मदद से वर्षों से झाड़ियों और कांटेदार पौधों से बंद पड़े रास्ते की सफाई कर दी गई। इससे छात्राओं के आवागमन का रास्ता फिर से खुल गया है।

छात्रावास तक पहुंचने में होती थी परेशानी

कई वर्षों से छात्रावास का मुख्य एप्रोच रोड झाड़ियों और अवरोधों के कारण बंद पड़ा था। इसके चलते छात्राओं को वैकल्पिक मार्ग से होकर स्कूल और छात्रावास तक आना-जाना पड़ता था, जिससे उन्हें रोजाना असुविधा का सामना करना पड़ता था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब रास्ता साफ हो चुका है और छात्राओं को राहत मिली है।

रास्ता खुला, लेकिन स्थायी समाधान अभी बाकी

हालांकि मार्ग की सफाई कर दी गई है, लेकिन यह रास्ता अभी भी पुराने पत्थर की फरसियों वाला है, जो कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुका है। बरसात के मौसम में यह मार्ग अब भी सुरक्षित और सुविधाजनक नहीं माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) सड़क का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।

 

पक्की सड़क निर्माण की मांग हुई तेज

रास्ता साफ होने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों ने भी इस मार्ग के स्थायी निर्माण की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि नगर परिषद अन्य क्षेत्रों में सीसी सड़कें बना सकती है, तो शासकीय छात्रावास तक जाने वाले मार्ग का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा पर जोर

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि छात्रावास तक सुरक्षित और सुगम सड़क होना आवश्यक है, ताकि छात्राओं को हर मौसम में बिना किसी परेशानी के आवागमन की सुविधा मिल सके। बरसात के दौरान वर्तमान मार्ग पर फिसलन और जलभराव जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

अब स्थायी निर्माण का इंतजार

फिलहाल प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से वर्षों पुराना रास्ता खुल गया है, लेकिन स्थानीय लोगों की नजर अब सीसी रोड निर्माण पर है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस मार्ग का स्थायी निर्माण कर छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करेगा।

 

रिपोर्ट – कन्हैया नाथ

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