मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के गुनौर जनपद अंतर्गत आने वाली सुगरहा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में नाली निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया और निर्माण सामग्री में अनियमितता बरती गई। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, नाली निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप रेत का उपयोग करने के बजाय अन्य निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल किया गया। गांव के कुछ युवाओं ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद इस पर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत के सरपंच, सचिव और संबंधित उपयंत्री की मिलीभगत से विकास कार्यों में अनियमितताएं की जा रही हैं। उनका कहना है कि शासन से मिलने वाली विकास निधि का सही उपयोग नहीं हो रहा है और गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने गुनौर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत के बाद जांच प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले की जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी से कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।