बड़वानी। गणेश महोत्सव के समापन पर अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बड़वानी में श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु ढोल-ताशों के साथ राजघाट रोड स्थित पुराने फिल्टर प्लांट परिसर में बनाए गए नर्मदा कुंड पहुंचे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगरपालिका ने नर्मदा नदी के बजाय कुंड में प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की।
शहर के घरों, दुकानों और विभिन्न पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा के साथ विसर्जन स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान भक्ति गीतों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। करीब 71 पंडालों के साथ बड़ी संख्या में घरों और प्रतिष्ठानों की प्रतिमाओं का कुंड में विसर्जन किया गया।
गणेश उत्सव के दौरान 11 दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने भावुक होकर भगवान गणेश को विदाई दी। लोगों ने अगले वर्ष फिर से बप्पा के आगमन की कामना के साथ विधि-विधान से प्रतिमाओं का विसर्जन किया। विसर्जन स्थल के प्रवेश द्वार और कुंड के आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
विसर्जन कार्यक्रम के बाद रात करीब 9 बजे से शहर में 40 से अधिक झांकियों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। तिरछी पुलिया से झंडा चौक तक प्रस्तावित इस मार्ग पर विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

झांकियों में पृथ्वीराज चौहान के पराक्रम, समुद्र मंथन, मोहिनी अवतार और शिव बारात जैसे प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन को लेकर झांकी समितियों की ओर से तैयारियां की गई हैं।
अनंत चतुर्दशी के आयोजन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। करीब 200 पुलिस जवानों की तैनाती के साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीम विसर्जन स्थल, झांकी मार्ग और प्रमुख स्थानों पर लगातार नजर रखेगी।
कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने झांकी संचालकों से निर्धारित रूट और समय का पालन करने की अपील की। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निर्धारित मानकों के अनुसार इस्तेमाल करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
एडिशनल एसपी धीरज बब्बर, तहसीलदार राहुल सोलंकी और पुलिस अधिकारियों ने विसर्जन कुंड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यातायात सुचारु रखने के लिए पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन और झांकियों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, यह सुनिश्चित करना है।