जहानाबाद। सरकारी अस्पतालों में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों की दो दिनों से चली आ रही हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई। वेतन बढ़ोतरी, पीएफ की राशि और लंबित वेतन भुगतान को लेकर नई एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया। हालांकि, गार्डों ने मांगें पूरी करने के लिए एजेंसी को पांच दिन का समय दिया है।
सुरक्षा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में मासिक वेतन बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने, दो महीने से लंबित वेतन का भुगतान और पीएफ खाते में हर महीने 3,600 रुपये जमा करने की मांग शामिल थी। कर्मचारियों का कहना था कि पहले उनके पीएफ खाते में निर्धारित राशि जमा की जाती थी, लेकिन बाद में इसमें कमी कर दी गई।
मांगों को लेकर सुरक्षा गार्डों ने दो दिनों तक काम का बहिष्कार किया था। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। कर्मचारियों ने नई एजेंसी के समक्ष भी अपनी मांगें रखीं और जल्द समाधान की मांग की।
मामले में नई एजेंसी ई-लाइट फाल्कन के मैनेजर के साथ सुरक्षा कर्मचारियों की बातचीत हुई। वार्ता के दौरान वेतन में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी, पीएफ खाते में 3,600 रुपये प्रतिमाह जमा करने और दो महीने के बकाया वेतन का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। एजेंसी ने बकाया राशि के भुगतान के लिए कुछ समय मांगा है।
सुरक्षा ऑफिसर राजकिशोर शर्मा की मौजूदगी में हुई बातचीत के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि एजेंसी को मांगों पर कार्रवाई के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी दोबारा आंदोलन शुरू करने का निर्णय ले सकते हैं।
सुरक्षा गार्डों की हड़ताल के कारण दो दिनों तक सदर अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित रही। अस्पताल परिसरों की निगरानी, मरीजों की आवाजाही व्यवस्थित करने और अन्य सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों में भी दिक्कतें आईं। कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था फिर से सामान्य हो गई है।