बुरहानपुर। शहर में आस्था और धार्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला, जब गोगा महाराज की पवित्र छड़ी लेकर वाल्मीकि समाज के श्रद्धालु खाटू श्याम बाबा मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन संध्या आयोजित की गई। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे और पूरा वातावरण बाबा के जयकारों से भक्तिमय हो गया।
बुरहानपुर में वाल्मीकि समाज द्वारा गोगा महाराज की छड़ी निकालने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। समाज के लोगों के अनुसार, पूरे महीने अलग-अलग स्थानों से धार्मिक यात्रा निकाली जाती है। इसी क्रम में गोगा महाराज की छड़ी को खाटू श्याम बाबा मंदिर लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
समाज से जुड़े कालू जंगाले ने बताया कि बुरहानपुर में गोगा महाराज की कुल 12 छड़ियां निकाली जाती हैं। इस धार्मिक परंपरा में समाज के लोग बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। श्रद्धालुओं के बीच गोगा महाराज को लेकर गहरी आस्था है और हर वर्ष इस आयोजन को उत्साह के साथ मनाया जाता है।
गोगा महाराज की छड़ी के खाटू श्याम बाबा मंदिर पहुंचने पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से वाल्मीकि समाज के श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने नृत्य कर अपनी आस्था व्यक्त की। मंदिर परिसर देर रात तक धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गोगा महाराज और खाटू श्याम बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।
गोगा महाराज की छड़ी यात्रा और खाटू श्याम बाबा मंदिर में आयोजित भजन संध्या ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन बुरहानपुर में भक्ति, परंपरा और सामुदायिक सौहार्द का यादगार अवसर बन गया।