मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मड़ला घाट पर लगातार लगने वाले यातायात जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू की पहल पर परिवहन व्यवसायियों, जेके सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े ट्रांसपोर्टरों तथा बस और ट्रक संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब जाम की समस्या को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में घाट मार्ग की संकरी सड़क, भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही, ओवरलोडिंग, ढलान पर न्यूट्रल में वाहन चलाना, वाहन की तकनीकी जांच के बिना संचालन और डीजल-पेट्रोल जैसी आवश्यक तैयारियों में लापरवाही को जाम की प्रमुख वजह माना गया। पुलिस अधीक्षक ने इन कमियों पर नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के आवागमन का निर्धारित समय तय करने की बात कही गई है। साथ ही ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों की पूरी तकनीकी जांच के बाद ही उन्हें सड़क पर भेजें।

पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रांसपोर्टर, वाहन मालिक या चालक की लापरवाही के कारण मड़ला घाट में जाम की स्थिति उत्पन्न होती है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा घाट क्षेत्र में खराब होने वाले वाहनों को तुरंत हटाने के लिए क्रेन और मैकेनिक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में वाहन मालिकों को ब्रेक, गियर बॉक्स, क्लच, इंजन, टायर, स्टीयरिंग, रेडिएटर, बैटरी, वायरिंग, लाइट, स्टेपनी और अन्य आवश्यक उपकरणों की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, चेतावनी त्रिकोण, टॉर्च, रस्सी, चेन और जैक जैसी सुरक्षा सामग्री वाहन में अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया।
पुलिस प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि मड़ला घाट पर जाम की स्थिति में एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के साथ यात्री वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर निकाला जाएगा। अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि जब तक पन्ना-मड़ला मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।