1. हिन्दी समाचार
  2. Jabalpur
  3. जबलपुर में निकलेगी 35 किमी लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा, डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान

जबलपुर में निकलेगी 35 किमी लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा, डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान

जबलपुर में सावन के दूसरे सोमवार पर 35 किलोमीटर लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। ग्वारीघाट से शुरू होकर कैलाश धाम तक जाने वाली यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कांवड़िए नर्मदा जल के साथ पौधे लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।

By: Nivedita 
Updated:
जबलपुर में निकलेगी 35 किमी लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा, डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान

जबलपुर में सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर संस्कार कांवड़ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। करीब 35 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए और नर्मदा भक्त शामिल होंगे। आयोजन को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं।

ग्वारीघाट से कैलाश धाम तक जाएगी यात्रा

संस्कार कांवड़ यात्रा जबलपुर के ग्वारीघाट से शुरू होकर खमरिया और मतामर होते हुए कैलाश धाम तक पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु नर्मदा जल लेकर आगे बढ़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपने हाथों में पौधे भी रखेंगे।

डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद

आयोजकों के अनुसार इस धार्मिक यात्रा में डेढ़ लाख से अधिक कांवड़ियों के शामिल होने की संभावना है। नर्मदा भक्त भैया जी सरकार सहित कई जनप्रतिनिधि और शहर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा का हिस्सा बनेंगे।

 

16 वर्षों से जारी है परंपरा

संस्कार कांवड़ यात्रा का आयोजन पिछले 16 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इस यात्रा ने अपने बड़े आयोजन और व्यापक जनभागीदारी के चलते गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री समेत कई प्रमुख नेता होंगे शामिल

संस्कार कांवड़ यात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भी यात्रा में शामिल होने की बात कही गई है। नेताओं और श्रद्धालुओं की मौजूदगी से इस आयोजन के और भव्य होने की उम्मीद है।

धर्म के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस बार यात्रा में नर्मदा जल के साथ पौधे लेकर चलने की पहल के जरिए धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रकृति और नर्मदा संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...