बड़वानी : कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में इंदिरा सागर परियोजना से जुड़े कथित लापरवाही के मामले को लेकर एक किसान ने शिकायत दर्ज कराई है। ठीकरी तहसील के ग्राम कुआ निवासी किसान महादेव पाटीदार ने नहर के पानी की निकासी की व्यवस्था कराने और क्षतिग्रस्त कुएं के नुकसान की भरपाई दिलाने की मांग की है।
किसान के अनुसार, ग्राम ब्राह्मणगांव स्थित उसकी कृषि भूमि सर्वे नंबर 267/10/1 में करीब 0.5800 हेक्टेयर जमीन है। इसी जमीन पर उसने सिंचाई के लिए करीब 10 लाख रुपये की लागत से पक्का कुआं बनवाया था। महादेव पाटीदार का आरोप है कि इंदिरा सागर परियोजना की नहर निर्माण के दौरान ठेकेदार ने नहर को खेत में बने कुएं के नजदीक तक लाकर काम अधूरा छोड़ दिया। उनका कहना है कि नहर के पानी की निकासी के लिए भी कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई।
किसान का कहना है कि नहर में परियोजना का पानी छोड़े जाने के बजाय बांध क्षेत्र के कारण पानी जमा हुआ और निकासी नहीं होने से वह खेत की ओर पहुंच गया। पानी कुएं में जाने के बाद उसकी संरचना कमजोर हुई और पक्का कुआं जमीन में धंस गया। किसान के मुताबिक, कुएं के क्षतिग्रस्त होने से उसे करीब 10 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

महादेव पाटीदार का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वह करीब 20 से 25 बार कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं। इसके अलावा इंदिरा सागर परियोजना के ठीकरी स्थित अधिकारियों को मौखिक और लिखित शिकायत देने के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। किसान के अनुसार, शिकायत के बाद एक बार पटवारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी, लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
किसान ने दावा किया कि उसका कुआं B-1 और B-2 रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर कुआं मौके पर दिखाई नहीं देने की बात कही गई। किसान ने प्रशासन से मौके का दोबारा निरीक्षण कर राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग की है।
महादेव पाटीदार ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर नहर से जमा होने वाले पानी की स्थायी निकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने धंसे हुए पक्के कुएं से हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग रखी है। अब किसान की शिकायत पर प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।