भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और युवाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। बैठक के बाद मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी साझा की।
कैबिनेट ने दमोह से कटनी के बीच करीब 105.01 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत 1,745.67 करोड़ रुपये बताई गई है। यह मार्ग सागर-दमोह-कटनी कॉरिडोर का हिस्सा होगा।
स्कूल शिक्षा से जुड़े फैसले में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले करीब 58 लाख विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस के लिए राशि देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। विद्यार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से प्रति छात्र 600 रुपये भेजे जाएंगे। इसके लिए 348 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
घुमंतू, विमुक्त और अर्द्ध-घुमंतू वर्ग के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को एक रुपये प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।
कैबिनेट ने अग्निवीर योजना के तहत राज्य के पांच विभागों में युवाओं को आरक्षण देने का फैसला किया है। इसमें वन, गृह, आबकारी, जेल और विशेष सशस्त्र बल विभाग शामिल हैं। इस निर्णय का उद्देश्य अग्निवीरों के लिए राज्य स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।

बैठक में मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना को जारी रखने की मंजूरी दी गई। रामपुरा-मनासा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं कान्ह डायवर्सन परियोजना को भी निरंतरता की स्वीकृति देते हुए दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट ने सिंगरौली हॉस्पिटल और छिंदवाड़ा मेडिकल इंस्टीट्यूट से संबंधित रिवाइज्ड स्वीकृतियों को भी मंजूरी दी। इन फैसलों को राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक के बाद दी गई जानकारी में मध्य प्रदेश के पर्यटन और खेल क्षेत्र से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया गया। एशियन गेम्स में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन और यूनेस्को की अस्थायी सूची में राज्य के 19 स्थलों के शामिल होने की जानकारी साझा की गई।
कैबिनेट बैठक में सुगम परिवहन बस सेवा तथा भोपाल मास्टर प्लान के ड्राफ्ट से संबंधित विषयों पर भी जानकारी साझा की गई। वहीं अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। कैबिनेट के इन फैसलों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और युवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर फोकस किया गया है।