हिंदू कैलेंडर में खरमास एक ऐसा समय है जब हिंदू समाज में शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है। 2024 में, खरमास 16 दिसंबर को शुरू होने जा रहा है, इस समय सूर्य वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश करेगा।
हिंदू कैलेंडर में खरमास एक ऐसा समय है जब हिंदू समाज में शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है। 2024 में, खरमास 16 दिसंबर को शुरू होने जा रहा है, इस समय सूर्य वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश करेगा।
सिख धर्म की स्थापना 15वीं शताब्दी में गुरु नानक देव द्वारा की गयी थी फिर भविष्य में और 9 क्रमिक गुरुओं ने इसे आकार देकर गुरू के अमृत वचनों को मीठे शब्दों में पिरोया।
कृष्ण भगवान ने कहा- बहना, इसी तरह का प्रश्न एक बार माता पार्वती ने शंकरजी से किया था। तब शंकरजी ने माता पार्वती को करवा चौथ का व्रत बतलाया। इस व्रत को करने से स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी।
आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन भक्तजन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा करते हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मां प्रसन्न होती हैं।आइए विस्तार से जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजाविधि, उनका प्रिय भोग, पूजा मंत्र और आरती।
ब्रज की महारानी श्रीराधा रानी का जन्म दिवस ‘राधा अष्टमी' आज यानी बुधवार, 11 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त राधाष्टमी का व्रत रखते हैं और श्रीराधा-कृष्ण की पूजा अर्चना कर अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
गणेश चतुर्थी के घरों और पंडालों से कानों में एक ही गूंज सुनाई पड़ती है, गणपति बप्पा मोरया... क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है।
हरतालिका तीज किसी भी हिंदू महिला के लिए बहुत खास है। इस तीज पर हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग भी है जोकि उस समय बना था जब माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए व्रत किया था।
हिन्दू पंचाग के अनुसार जुलाई का महीना बेहद खास एवं महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि इसी महीने मे देवशयनी एकादशी का भी आगमन हो चुका है। यह देवशयनी एकादशी बाकी एकादशी की तुलना में अधिक फलदायी है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को तीनों सनातन देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।