ग्राम पंचायत मोहखेड़ में विकास कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के विभिन्न कार्यों की जांच कई बिंदुओं पर की गई, लेकिन कार्रवाई और वसूली सीमित स्तर पर ही की गई। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में कुछ विकास कार्यों के निष्पादन और भुगतान को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। विशेष रूप से सामुदायिक भवन के आसपास किए जाने वाले निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं और मामले की विस्तृत जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनियमितताओं के आरोपों के बावजूद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है और पंचायत स्तर पर पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं तो सभी संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे पंचायत व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों पर अंकुश लगेगा।
पूरा मामला अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।