छतरपुर: मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मंगलवार को छतरपुर जिले के बिजावर पहुंचे, जहां उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसान, दलित और आदिवासी आंदोलनकारियों से मुलाकात की। पिछले 11 दिनों से बराना नदी में जल सत्याग्रह कर रहे आंदोलनकारियों के बीच पहुंचकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन को समर्थन दिया।
उमंग सिंघार ने कहा कि यह आंदोलन केवल जमीन बचाने का नहीं, बल्कि सम्मान, अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसान, दलित और आदिवासी अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास के नाम पर लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना किसी भी प्रकार का विस्थापन स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों और आदिवासियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को सुना जाना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

धरनास्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विस्थापित परिवारों के साथ खड़ी है और जब तक प्रत्येक प्रभावित किसान, दलित और आदिवासी परिवार को उसका वाजिब हक, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल जाता, तब तक पार्टी का संघर्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगा।