बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में ग्राम सीतापुर के सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ पी लिया। उन्होंने पंचायत में भ्रष्टाचार और धमकियों के आरोप लगाए हैं, जिनकी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।
बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में ग्राम सीतापुर के सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ पी लिया। उन्होंने पंचायत में भ्रष्टाचार और धमकियों के आरोप लगाए हैं, जिनकी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।
बुरहानपुर की 1.48 करोड़ रुपये की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना को लेकर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने इंदिरा कॉलोनी स्थित परियोजना स्थल का निरीक्षण कर जांच और भुगतान रोकने की मांग की है। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और कार्य की प्रगति पर सवाल उठाए हैं। मामले में नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा परियोजना सहित प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने परियोजना क्षेत्र में ग्रामीणों की समस्याओं, ग्राम सभाओं में अनियमितताओं, किसानों और महिलाओं पर कार्रवाई तथा मुआवजा वितरण को लेकर सवाल उठाए हैं।
भोपाल में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भ्रष्टाचार और छात्रों के मुद्दों को लेकर पार्टी की रणनीति साझा की। कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में तबादला प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार पर “ट्रांसफर उद्योग” चलाने और प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ने का दावा किया है, साथ ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्राम पंचायत मोहखेड़ में विकास कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कई बिंदुओं पर जांच होने के बावजूद कार्रवाई सीमित स्तर पर की गई, जिससे जांच प्रक्रिया पर संदेह जताया जा रहा है। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर अब जिला प्रशासन की भूमिका पर
बुरहानपुर जिले के गंभीरपुरा स्थित शिवा बाबा बंजारा समाज समिति ट्रस्ट पर ग्रामीणों ने करोड़ों रुपये की दान राशि में गड़बड़ी और आर्थिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पिछले 30 वर्षों से ट्रस्ट पर एक ही परिवार का कब्जा है और मेले की वास्तविक आय से कम रकम रिकॉर्ड में दिखाई जाती है। दान पेटियों की गिनती बिना CCTV के होने, सुविधाओं की कमी