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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप, मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा परियोजना सहित प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने परियोजना क्षेत्र में ग्रामीणों की समस्याओं, ग्राम सभाओं में अनियमितताओं, किसानों और महिलाओं पर कार्रवाई तथा मुआवजा वितरण को लेकर सवाल उठाए हैं।

By: Nivedita 
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का आरोप, मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर

मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने ₹44 हजार करोड़ की केन-बेतवा परियोजना में भी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग उठाई।

केन-बेतवा परियोजना क्षेत्र के दौरे का किया जिक्र

उमंग सिंघार ने बताया कि उन्होंने 14 तारीख को केन-बेतवा परियोजना क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रभावित ग्रामीणों और किसानों की कई शिकायतें सामने आई हैं, जिन्हें सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।

बुजुर्ग महिलाओं और किसानों पर कार्रवाई का लगाया आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन और परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि करीब 80 साल की बुजुर्ग महिलाओं पर भी लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग महिलाएं इस प्रक्रिया से प्रभावित हुई हैं और किसानों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

 

ग्राम सभाओं में अनियमितता का आरोप

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि परियोजना क्षेत्र के कई गांवों में ग्राम सभाओं की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि 14 गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित नहीं हुईं और ग्रामीणों से जमीन अधिग्रहण को लेकर राय नहीं ली गई। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब ग्रामीणों की सहमति जरूरी थी तो ग्राम सभाओं का आयोजन क्यों नहीं किया गया।

मुआवजा वितरण पर भी उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने मुआवजा वितरण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है, जो संबंधित गांवों में निवास तक नहीं करते। उन्होंने सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है।

 

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