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इंदार पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों पर ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी के बदरवास की ग्राम पंचायत इंदार में सरपंच पति और रोजगार सचिव पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोपों को निराधार बताते हुए सभी पक्षों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को आवास प्लस योजना का लाभ देने की मांग उठाई गई।

By: Nivedita 
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इंदार पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों पर ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी। जनपद पंचायत बदरवास की ग्राम पंचायत इंदार में सरपंच पति रामसेवक परिहार और रोजगार सचिव अवधेश रघुवंशी पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोपों को गलत बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने आरोपों को बताया निराधार

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक होने के चलते कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा कथित रूप से पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने के उद्देश्य से आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले शिकायतकर्ताओं और अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएं।

आवास प्लस सर्वे को लेकर भी उठाए सवाल

ज्ञापन में आवास प्लस सर्वे से संबंधित आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, शासन की व्यवस्था के तहत पात्र हितग्राहियों को अपने मोबाइल फोन से ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध था। ऐसे में ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि किसी से सर्वे के लिए पैसे की मांग की जा रही थी, तो संबंधित हितग्राही स्वयं ऑनलाइन आवेदन क्यों नहीं करते। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि 6 सितंबर और 8 सितंबर को सामने आई शिकायतों में कथित रकम को लेकर अलग-अलग बातें कही गई हैं। ग्रामीणों ने इन तथ्यों की जांच की मांग की है।

 

शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने का भी किया जिक्र

ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को भी मामले से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। उनका दावा है कि करीब 140 बीघा शासकीय भूमि को 25 से 30 परिवारों के कथित कब्जे से मुक्त कराया गया और इसके बाद वहां गौशाला निर्माण कराया गया। इसके अलावा शासकीय तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसके जीर्णोद्धार तथा अन्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रयासों का भी आवेदन में उल्लेख किया गया है।

पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ देने की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं और अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज करने के साथ ही जांच के दौरान सभी तथ्यों को सामने लाने का आग्रह किया। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि कोई पात्र हितग्राही आवास प्लस योजना के लिए योग्य है, तो केवल विवाद या शिकायत के आधार पर उसका नाम सूची से बाहर नहीं किया जाए और पात्र लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

 

रिपोर्ट –  कुलदीप गुप्ता

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