ग्वालियर। यूजीसी के नियमों में बदलाव, जातिगत नीतियों की समीक्षा और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर स्वर्ण समाज से जुड़े संगठनों ने ग्वालियर बंद का आह्वान किया है। सर्व संगठन और परशुराम सेवा संगठन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने एकत्र हुए, जहां धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी संगठनों ने यूजीसी की ओर से जारी हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को लेकर आपत्ति जताई है। संगठनों की मांग है कि संबंधित नियमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा बताया।
आंदोलन में सरकारी योजनाओं और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी जातिगत नीतियों की समीक्षा की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सामाजिक संतुलन और विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा नीतियों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

धरना-प्रदर्शन में ग्वालियर-चंबल संभाग के अलग-अलग जिलों से लोग शामिल होने पहुंचे। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारी संगठनों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का विस्तार किया जा सकता है। पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति को लेकर भी संकेत दिए हैं।
ग्वालियर बंद और धरना-प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनी रहे।