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बुरहानपुर में 1.48 करोड़ की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना पर उठे सवाल, जांच की मांग

बुरहानपुर की 1.48 करोड़ रुपये की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना को लेकर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने इंदिरा कॉलोनी स्थित परियोजना स्थल का निरीक्षण कर जांच और भुगतान रोकने की मांग की है। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और कार्य की प्रगति पर सवाल उठाए हैं। मामले में नगर निगम प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

By: Nivedita 
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बुरहानपुर में 1.48 करोड़ की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग परियोजना पर उठे सवाल, जांच की मांग

बुरहानपुर नगर निगम की इंदिरा कॉलोनी में चल रही 1.48 करोड़ रुपये की सामुदायिक रेन वॉटर रिचार्ज परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बुरहानपुर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने परियोजना स्थल का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति देखी और मीडिया के सामने परियोजना की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए।

परियोजना में वित्तीय अनियमितताओं का लगाया आरोप

एडवोकेट प्रियांक सिंह ने आरोप लगाया कि भूजल संरक्षण के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में जनता के धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना का ठेका इंदौर के ठेकेदार दुष्यंत ठाकुर को दिया गया है और भुगतान प्रक्रिया से पहले पूरे कार्य की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान एडवोकेट सिंह ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, खुले गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर चिंता जताई। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर खुदाई के बाद उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है।

5 हजार मकानों को जोड़ने के लक्ष्य पर भी सवाल

योजना के तहत करीब 5,000 मकानों को सोकपिट से जोड़ने और 10 उद्यानों में रिचार्ज वेल बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। एडवोकेट प्रियांक सिंह ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर कार्य लक्ष्य के अनुरूप दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि दस्तावेजों में काम पूरा दर्शाने की तैयारी की जा रही है।

 

उच्च स्तरीय जांच और भुगतान रोकने की मांग

एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने नगर निगम प्रशासन से परियोजना की तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने, माप पुस्तिका (एमबी) का फॉरेंसिक ऑडिट कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

नगर निगम के जवाब का इंतजार

फिलहाल इस मामले में नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जल संरक्षण से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

 

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