मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक तबादलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में तबादला प्रक्रिया अब एक संगठित “उद्योग” का रूप ले चुकी है, जिसमें कथित तौर पर पैसे लेकर पदस्थापना की जा रही है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में तबादलों की कीमतें तय हैं और विभिन्न स्तरों पर बिचौलियों के माध्यम से वसूली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में प्रशासनिक निर्णय अब योग्यता या आवश्यकता के बजाय वित्तीय लेनदेन पर आधारित हो रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने हाल ही में सामने आए स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों में तबादलों के लिए लाखों रुपये तक की मांग के मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा कथित “तबादला घोटाला” बताया।

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच होती है तो बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय घोटाला सामने आ सकता है, जिसमें कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच नहीं कराई गई तो पार्टी इसे जनता के बीच लेकर जाएगी और आंदोलनात्मक रणनीति अपनाएगी। वहीं सरकार की ओर से अभी इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।