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झाबुआ में CM डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं को दी सशक्तिकरण की नई सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ के थांदला में आयोजित कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ का ऋण वितरित किया। महिला सशक्तिकरण, रोजगार, प्राकृतिक खेती और 283.81 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

By: BS Yadav 
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झाबुआ में CM डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं को दी सशक्तिकरण की नई सौगात

झाबुआ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण सरकार और समाज दोनों की प्राथमिकता है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, पशुपालन, बैंकिंग और उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते हुए परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बहनों की शक्ति और आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तथा सरकारी सेवाओं में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

स्व-सहायता समूहों को मिला ₹300 करोड़ का ऋण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों को 10.80 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह सहायता महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

महिलाओं की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कई महिलाएं अब स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रति माह 10 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से चार झाबुआ जिले में हैं। इसके अलावा 85 आजीविका पुस्तकालय और 150 से अधिक गैर-कृषि आधारित गतिविधियों का संचालन भी महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि कृषि सखी, बैंक सखी, उद्यम सखी और लाड़ली बहनें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी आधार बन रहा है।

रोजगार और उद्योग पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है। ग्वालियर क्षेत्र में संचार क्षेत्र की नई इकाई स्थापित होने से 14 हजार रोजगार सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क करीब 3 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराएगा और कपास उत्पादक किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।उन्होंने कहा कि झाबुआ, धार और अलीराजपुर के युवाओं को अब रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश में उद्योगों और एमएसएमई के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

झाबुआ को मिली 283 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान झाबुआ जिले को 174.64 करोड़ रुपये की लागत से 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन तथा 109.17 करोड़ रुपये की लागत से 28 विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आजीविका मेला का भी अवलोकन किया और स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है तथा स्व-सहायता समूह इस परिवर्तन के सबसे मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं।

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