1. हिन्दी समाचार
  2. Religious
  3. सीएम योगी ने गोरखपुर में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का किया शुभारंभ

सीएम योगी ने गोरखपुर में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया। उन्होंने भागवत कथा की परंपरा, जीवन के उद्देश्य और सोशल मीडिया के दौर में अर्धसत्य की चुनौती पर विचार रखे।

By: BS Yadav 
Updated:
सीएम योगी ने गोरखपुर में श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का किया शुभारंभ

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर पवित्र व्यास पीठ पर विराजमान जगतगुरु मूलक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेंद्र देवाचार्य जी महाराज समेत सभी संतों, यजमानों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले वृंदावन धाम से पधारे जगतगुरु मूलक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेंद्र देवाचार्य जी महाराज का गोरक्षपीठ पर आगमन और श्रीमद्भागवत महापुराण की इस पावन कथा के लिए व्यास पीठ पर विराजमान होने पर हृदय से अभिनंदन और स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरक्षपीठ के आचार्य युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर हर वर्ष विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रतिवर्ष गोरक्षपीठ के पूज्य आचार्य युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और पूज्य महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की पावन पुण्यतिथि के अवसर पर गोरक्षपीठ में अनेक प्रकार के साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इसी श्रृंखला में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन आज से लेकर 29 तारीख तक होगा।

5 हजार साल से जारी भागवत की ज्ञान परंपरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सब इस बात को जानते हैं कि यह कितनी प्राचीन कथा है। 5 हजार वर्षों से अनवरत श्रीमद्भागवत महापुराण की इस कथा का वाचन भारत का श्रद्धालुजन करता आ रहा है, अपने ज्ञान के लिए, भक्ति के लिए और जीवन में निष्काम कर्म की नई प्रेरणा प्राप्त करने के लिए। जीवन के उन रहस्यों को समझने के लिए कि जीवन का उद्देश्य क्या है, आप याद करिए जब पांच हजार वर्ष पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को इस पावन कथा का श्रवण कराया होगा। उस समय और आज के समय के बीच एक लंबा कालखंड व्यतीत हुआ। युग पर युग बीते, समर-विषम परिस्थितियों का सामना सनातन धर्म ने किया। अनेक विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का अवसर प्राप्त हुआ। उत्कर्ष और पतन की एक कहानी लगातार चलती रही। लेकिन भारत की स्मृति में कोई चीज बची हुई थी, तो वह थी अपनी पावन ऋषि परंपरा की इस कथा की परंपरा, जिसको उसकी स्मृति से कोई हटा नहीं पाया। कथा के जरिए जीवन के उद्देश्य को समझने का प्रयासआज भी जब इस पावन कथा का आयोजन होता है तो हजारों-हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। इस आयोजन के माध्यम से जीवन की वास्तविकता का एहसास करते हैं, अपने जीवन के उद्देश्य को समझने का प्रयास करते हैं और फिर जीवन के अज्ञान से मुक्त होने के लिए मार्ग ढूंढते हैं और यह इस वर्ष आपका सौभाग्य है कि आप सबको वृंदावन धाम से पधारे परम वैरागी संत और जिन्होंने संत के रूप में अपना जीवन जिया है, जगतगुरु मूलक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेंद्र देवाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से इस पावन कथा को श्रवण करने का आनंद प्राप्त हो रहा है।

मनसा, वाचा, कर्मणा एक दिशा में हो तभी जीवन सफल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सब इस बात को जानते हैं कि व्यक्ति जब अपने जीवन में जैसा आचरण करता है और उसके विचार के साथ उसकी साम्यता होती है, तो वह प्रभावशाली भी होता है। दोनों के अलग-अलग राग नहीं होते। जब मनसा, वाचा, कर्मणा एक दिशा में चलता है तो जीवन में सफलता प्राप्त होती है। जब बोलता कुछ और है, करता कुछ और है, मन में कुछ और रखता है, तो ये भ्रम की स्थिति उसे न घर की रखती है, न घाट की रखती है और जीवन की अज्ञानता का यही मूल कारण भी है। यही जीवन में भ्रम की स्थिति पैदा करता है।

सोशल मीडिया के दौर में सत्य-असत्य के बीच ‘अर्धसत्य’ की चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सामान्य जीवन में देखते हैं कि हम यह तय नहीं कर पाते कि सत्य क्या है और असत्य क्या है। और आज के समय में तो सत्य और असत्य के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने एक और तत्व प्रस्तुत कर दिया है, वह है अर्धसत्य। जो कभी सत्य नहीं होता। इन परिस्थितियों में जब पूरी दुनिया की मानवता डिप्रेशन का शिकार है, उसके सामने चुनौती है। विज्ञान कितना भी आगे बढ़ चुका है, लेकिन जीवन में स्थायी शांति कैसे आएगी, जीवन में सुकून और स्थायी शांति की जो परिकल्पना की गई है, उसको कैसे प्राप्त करना है?

दुनिया को शांति का रास्ता भारत की सनातन परंपरा में दिखता है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति के लिए
दुनिया को केवल एक भूमि दिखाई देती है,वह भारत भूमि है और भारत में हमारे यहां कथा की पावन परंपराएं उसके मार्ग को और सुगम और सरल बनाने में अपना योगदान देती हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आप सब सौभाग्यशाली हैं कि वर्ष में दो-तीन बार यहां पर इन पावन कथाओं के माध्यम से अपने धर्म को, अपनी संस्कृति को, अपनी परंपरा को, अपने मानबिंदुओं को और अपनी विरासत को समझने का एक अवसर आप सभी को प्राप्त होता है। आज उसी परंपरा का वाचन करने के लिए यहां पर जगतगुरु मूलक पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी राजेंद्र देवाचार्य जी महाराज का आगमन हुआ है। मैं इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से उनका हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी श्रद्धालुओं का भी हृदय से स्वागत करते हुए इस साप्ताहिक कार्यक्रम के प्रति अपनी शुभकामनाएं दी।

अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...