मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा युवा आयोग के समन्वित प्रयासों से सभी सांदीपनि विद्यालयों के निकट आधुनिक खेल परिसरों का विकास किया जाए, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों के पोषण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस तथा कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही आधुनिक तकनीकों और नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी स्तर के लिए तैयार किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ओलंपिक, एशियाई खेलों (एशियाड) और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही योग्य खिलाड़ियों को शासकीय सेवाओं में अवसर प्रदान करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, जिससे युवाओं को खेलों के प्रति अधिक प्रोत्साहन मिले।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रस्तावित और निर्माणाधीन खेल परिसरों में आवश्यक आधुनिक सुविधाओं के विकास पर बल देते हुए हेलीपैड जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना का विकास किया जाए।
डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल, नेतृत्व क्षमता और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर भोपाल में नागरिकों और युवाओं की व्यापक सहभागिता के साथ भव्य तिरंगा यात्रा आयोजित की जाए। उन्होंने इसे राष्ट्रभक्ति, युवा जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण आयोजन बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों के खेल प्रदर्शन का विश्लेषण कर प्रत्येक जिले में जिस खेल की प्रतिभाएँ अधिक हैं, उसी खेल के अनुरूप आवश्यक खेल अधोसंरचना विकसित की जाए। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिता की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि देश के उत्कृष्ट शासकीय एवं निजी खेल परिसरों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही हरियाणा और ओडिशा की तर्ज पर कॉरपोरेट सहयोग के माध्यम से खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जाएँ।
खेल परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए खेल विभाग में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की स्थापना करने के निर्देश भी दिए गए। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा खेल अधोसंरचना परियोजनाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाना, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसके लिए अधोसंरचना विकास, आधुनिक प्रशिक्षण, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और संस्थागत समन्वय पर निरंतर कार्य किया जाएगा।