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Radha Ashtami: कहां हुआ था राधा रानी का जन्म… आइए जानते हैं…

ब्रज की महारानी श्रीराधा रानी का जन्म दिवस ‘राधा अष्टमी' आज यानी बुधवार, 11 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त राधाष्टमी का व्रत रखते हैं और श्रीराधा-कृष्ण की पूजा अर्चना कर अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

By: Abhinav Tiwari 
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Radha Ashtami: कहां हुआ था राधा रानी का जन्म… आइए जानते हैं…

ब्रज की महारानी श्रीराधा रानी का जन्म दिवस ‘राधा अष्टमी’ आज यानी बुधवार, 11 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त राधाष्टमी का व्रत रखते हैं और श्रीराधा-कृष्ण की पूजा अर्चना कर अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। ऐसा कहते हैं कि राधाष्टमी की पूजा के बिना कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्यारे मोहनलाल और श्रीजी राधा रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पंचांग के अनुसार, आज राधा अष्टमी का पर्व है। आज के दिन राधा रानी के जन्मदिन पर उत्सव मनाया जाता है।

कहा हुआ राधा रानी का जन्म

  • रावल गांव, मथुरा से 15 किलोमीटर दूर स्थित है।
  • प्राचीन रावल गांव राधा रानी का जन्म स्थान है| ब्रज इलाके में राधा अष्टमी के पावन पर्व पर राधा रानी का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।
  • ब्रज के मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी राधा रानी के जन्म उत्सव की धूम है। बड़ी संख्या में भक्त राधा रानी के दर्शन के लिए उनके जन्मस्थान गांव रावल में पहुंच रहे हैं। हजारों भक्त गांव में जाकर राधा रानी के मंदिर पर दर्शन कर रहे है।
  • बता दें कि राधा अष्टमी के दिन राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए कुछ भक्त व्रत रखते हैं।

राधाष्टमी के उपाय

वहीं, कुछ भक्त इस दिन कुछ उपाय भी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से जीवन की सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं।

जिन लड़कियों के विवाह में दिक्कतें आ रही है। वह राधाष्टमी पर देवी राधा को गुलाब का फूल दिया करें और फिर ऊं ह्रीं श्री राधिकायै नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। मान्यता है इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

जो लोग अपनी पसंद की लड़की या लड़के से शादी करना चाहते हैं लेकिन इसमें बाधा आ रही है वो राधा अष्टमी के दिन भोजपत्र पर चंदन की स्याही से अपने प्रेमी/प्रेमिका का नाम लिखें और फिर उसे राधा-कृष्ण के मंदिर में अर्पित कर दें। कहते हैं इससे मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना जल्द पूर्ण हो जाती है।

This post written by Shreyasi

यह पोस्ट धार्मिक भावनाओं और धार्मिक क्रियाकलापों के आधार पर लिखा गया है “यूपी की बात” न्यूज़ चैनल इस जानकारी की पुष्टि और जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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