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Ganesh Chaturthi: गणपति बप्पा मोरया क्यों कहा जाता है? जानिए इस के पीछे की कहानी…

गणेश चतुर्थी के घरों और पंडालों से कानों में एक ही गूंज सुनाई पड़ती है, गणपति बप्पा मोरया... क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है।

By: Abhinav Tiwari 
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Ganesh Chaturthi: गणपति बप्पा मोरया क्यों कहा जाता है? जानिए इस के पीछे की कहानी…

गणेश चतुर्थी के घरों और पंडालों से कानों में एक ही गूंज सुनाई पड़ती है, गणपति बप्पा मोरया… क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है। यदि आप इन शब्दों का अर्थ नहीं जानते है तो इस पोस्ट को तुरंत पढ़ना शुरु कर दीजिए।

गणेश चतुर्थी के माहौल में घरों के आसपास के पर्यावरण में बस एक ही धुन सुनाई देती हैं। वह गूंज गणपति बप्पा की आरती और जयकारों की होती है और इसी के साथ सुनाई देती है गणपति बप्पा मोरया… पर क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है। यदि आप इन शब्दों का अर्थ नहीं जानते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए ही है…

आस्था की एक अनोखी यात्रा पिछले 1200 सालों से जारी है। इस यात्रा में करोड़ों भक्त शामिल होते हैं और भगवान गणेश के मस्ती में गणपति बप्पा मोरया का जयकारा लगाते हैं। उनमें से कुछ इस यात्रा के बारे में जानते हैं तो कुछ बिना जाने ही चल रहे होते हैं। हम बात कर रहे हैं करोड़ों गणेश भक्तों की, जो सालों से गणपति बप्पा मोरया के नारे लगा रहे हैं, लेकिन उनमें से बोहर नहीं जानते कि मोरया अर्थ…

क्यों हम कहते हैं गणपति बप्पा मोरया

कहते हैं कि चौदहवीं सदी में पुणे के समीप चिंचवड़ में मोरया गोसावी नाम के सुविख्यात गणेश भक्त रहते थे। चिंचवड़ में इन्होंने कठोर गणेश साधना और तपस्या की। ऐसा कहा जाता है कि मोरया गोसावी ने यहां जीवित समाधि ली थी। तभी से यहां का गणेश मन्दिर देश भर में विख्यात है और गणेश भक्तों ने गणपति के नाम के साथ मोरया के नाम का जयघोष भी शुरू कर दिया।

महाराष्ट्र में कैसे मनाते है गणेश चतुर्थी का त्योहार

महाराष्ट्र के लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान गणेश चतुर्थी रखती है। यह, सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह एक भव्य कार्निवल है। सड़कों को रोशनी से सजाया जाता है, विशाल पंडाल भगवान गणेश के कलात्मक मिट्टी के स्थापना से चकाचौंध रहता है। हर ओर भक्तों को, भक्तिमय माहौल और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की अनुभूति होती रहती है।

This post is written by Shreyasi

यह पोस्ट धार्मिक भावनाओं और धार्मिक क्रियाकलापों के आधार पर लिखा गया है “RNI NEWS” न्यूज़ चैनल इस जानकारी की पुष्टि और जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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