भोपाल में आयोजित एक विशेष समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “इंडिया से भारत – एक प्रवास” नामक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया। इस पुस्तक के लेखक प्रशांत पोल हैं, जिन्होंने भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक यात्रा को गहराई से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आत्मगौरव की पुनर्स्थापना का सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने वर्ष 2014 से 2026 तक के कालखंड को भारत के लिए “स्वर्णिम दौर” बताते हुए कहा कि इस अवधि में देश ने कई महत्वपूर्ण बदलावों और उपलब्धियों को हासिल किया है, जिसने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं और शिक्षाविदों ने भी पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि “इंडिया से भारत” नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह पुस्तक युवाओं को औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
लेखक प्रशांत पोल ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि पुस्तक में वर्ष 1965 से 2014 तक के भारत के सामाजिक और राजनीतिक विकास को विस्तार से दर्शाया गया है। साथ ही, 2014 के बाद के बदलावों को एक निर्णायक मोड़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसने भारत की दिशा और दशा दोनों को बदलने में अहम भूमिका निभाई है।