उज्जैन : सिंहस्थ 2028 को लेकर भारतीय रेलवे ने अपनी तैयारियों को अब अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित आसपास के करीब 10 प्रमुख स्टेशनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए रेलवे वर्ष 2024 से ही प्लानिंग कर रहा है और अब यह चरण लगभग पूरा हो चुका है।
उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर-अक्टूबर 2027 तक सिंहस्थ से जुड़े अधिकांश रेलवे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। इस बार आयोजन में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जो पिछले सिंहस्थ में आए करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं से कई गुना अधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन पर बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड किया जा रहा है।
उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टेंपरेरी होल्डिंग एरिया बनाया जाएगा, जिसे दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य है। इसके अलावा जहां जरूरत होगी वहां प्लेटफॉर्म को हाई लेवल किया जाएगा और यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाए जाएंगे। वर्तमान में स्टेशन पर 3 FOB हैं, जिनमें से एक को हटाकर नया बनाया जाएगा और कुल संख्या बढ़ाकर 5 की जाएगी। इनमें एक 12 मीटर चौड़ा आधुनिक फुट ओवर ब्रिज भी शामिल होगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सिंहस्थ 2028 सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े भीड़ प्रबंधन अभियानों में से एक होगा। इसी वजह से यात्री सुविधा, सुरक्षा, ट्रेन संचालन और भीड़ नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, रेलवे का मेजर री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट सिंहस्थ के बाद शुरू किया जाएगा, ताकि आयोजन से पहले सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी हो सकें।