मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गूगल क्लाउड इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में एआई और क्लाउड तकनीक आधारित स्मार्ट गवर्नेंस पर चर्चा की। सिंहस्थ-2028 में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए AI तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गूगल क्लाउड इंडिया के अधिकारियों के साथ बैठक कर मध्यप्रदेश में एआई और क्लाउड तकनीक आधारित स्मार्ट गवर्नेंस पर चर्चा की। सिंहस्थ-2028 में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए AI तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन स्थित जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव श्री उमाकांत महाराज जी के अमृत प्रवचन का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के मार्गदर्शन से जीवन सरल और संयमित होता है तथा सिंहस्थ-2028 में उज्जैन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही गौ संरक्षण और धार्मिक नगरों में शराबबंदी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के रामघाट पहुंचकर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट विस्तार, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उज्जैन के जय गुरुदेव आश्रम में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में नजर आया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आश्रम पहुंचकर गुरुवर से आशीर्वाद लिया और अमृत प्रवचन में शामिल हुए। आयोजन में अनुशासन और व्यवस्थाएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोनाली मिश्रा, महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा एजेंसियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, क्राउड मैनेजमेंट और AI आधारित निगरानी सिस्टम को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
सिंहस्थ 2028 को लेकर भारतीय रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उज्जैन रेलवे स्टेशन और आसपास के प्रमुख स्टेशनों का निरीक्षण कर अधिकारियों ने बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना बनाई है। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए नए फुट ओवर ब्रिज, हाई लेवल प्लेटफॉर्म और टेंपरेरी होल्डिंग एरिया तैयार किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा मिल सके।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ये कैमरे ओवरक्राउडिंग की पहचान, ट्रेन मूवमेंट मॉनिटरिंग, ट्रैक और व्हीकल डिटेक्शन जैसे कई एडवांस फीचर्स से लैस होंगे। जिससे किसी भी आपात स्थिति या भीड़ के दबाव को तुरंत कंट्रोल किया जा सकेगा।
पदभार ग्रहण करने के बाद रवि सोलंकी ने कहा कि आगामी महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की रफ्तार तेज की जाएगी। साथ ही शहर में नए इंफ्रास्ट्रक्चर और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस रहेगा।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने और शहर में व्यवस्थित यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन द्वारा लगातार सड़क निर्माण के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जारी है।
खास बात यह है कि पिंगलेश्वर में भी एक नया हॉल्टिंग स्टेशन विकसित किया जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान यात्रियों का दबाव कम किया जा सके।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने बताया कि उज्जैन की सभी प्रमुख जल संरचनाओं के किनारे कम से कम 1 लाख वेटिवर ग्रास स्लिप्स लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वेटिवर ग्रास को ‘वंडर ग्रास’ माना जाता है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कोठी रोड संकुल से देवास रोड होते हुए विक्रम नगर तक लगभग 2 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से बने इस मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
टेंट सिटी और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा को देखते हुए फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया गया है। फायर ब्रिगेड को अलर्ट रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम दो वर्षों में कुल 25 लाख पौधारोपण कर शहर को हरियाली से भरने की तैयारी है। इस अभियान के लिए नगर निगम और नगरीय प्रशासन विभाग संयुक्त रूप से बजट उपलब्ध करा रहे हैं।