उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ गौ संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौशाला का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने गौ-माता की पूजा-अर्चना की और गोवंश को पशु आहार खिलाया। उन्होंने गौशाला में संचालित व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए गौ सेवा और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार कपिला गौशाला को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां लगभग 2000 गोवंश के संरक्षण की क्षमता विकसित की जा रही है, जिससे यह प्रदेश की प्रमुख गौशालाओं में शामिल होगी।
परियोजना के तहत गौशाला में गोवंश औषधालय, बायोगैस प्लांट, डेयरी यूनिट, गौ सेवा केंद्र, प्रयोगशाला, प्रशासनिक भवन, पार्किंग, उद्यान और वृक्षारोपण क्षेत्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे गौ संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भर मॉडल को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय निकायों के सहयोग से गौशाला संचालन को मजबूत बना रही है। वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न गौशालाओं में लगभग 4 लाख गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में भी गौ सेवा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने गौशाला में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कपिला गौशाला भविष्य में गौ संरक्षण और संवर्धन का एक आदर्श मॉडल बनकर सामने आएगी।