मध्य प्रदेश में चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी की समीक्षा बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने बीजेपी की चुनाव समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तविक समीक्षा करनी है, तो चुनावी नतीजों की बजाय सरकार के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था का आकलन किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम लोगों को रोजमर्रा के सरकारी कार्यों के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नामांतरण, जमीन की नापती और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है और लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी उठाया। पार्टी का आरोप है कि विभिन्न विभागों में अनियमितताएं बढ़ी हैं। साथ ही भोपाल में टाउन प्लानिंग, व्यापारियों की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर भी सरकार को घेरा गया। कांग्रेस का कहना है कि यदि शासन व्यवस्था बेहतर होती, तो चुनावी नतीजों के कारणों पर अलग से समीक्षा की आवश्यकता महसूस नहीं होती।
कांग्रेस के आरोपों के बाद अब राजनीतिक नजरें बीजेपी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।