भोपाल। मध्यप्रदेश में युवाओं, किसानों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सरकार से कई सवाल किए हैं। इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद जारी अपने बयान में उन्होंने भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, रोजगार, नशे से जुड़े मामलों और किसानों की समस्याओं को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
कुणाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार और सरकारी भर्तियों से जुड़े अवसरों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए मुआवजे की मांग करते हुए जिम्मेदारी तय करने के लिए एक बोर्ड गठित करने की बात कही। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान की आवश्यकता बताई।
चौधरी ने भागीरथपुरा मामले, छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत से जुड़े कथित जहरीले कफ सिरप मामले और ड्रग्स से संबंधित घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की जांच में केवल सामने आए आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय पूरे नेटवर्क और संबंधित जिम्मेदारियों की जांच होनी चाहिए। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
कांग्रेस नेता ने प्रदेश में सोयाबीन की फसल को लेकर किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार कुछ क्षेत्रों में मौसम और पीले मोजेक जैसी समस्याओं के कारण फसल प्रभावित होने की शिकायतें हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर किसानों को राहत देने की मांग की। ‘एक बीघा में 12 क्विंटल सोयाबीन’ उत्पादन के दावे पर सवाल उठाते हुए चौधरी ने ऐसे उत्पादन का उदाहरण सामने लाने की बात कही और संबंधित किसान को एक लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।

चौधरी ने सोयाबीन की कीमत को लेकर भी सरकार से सवाल किए। हालांकि, केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए पीली सोयाबीन का MSP 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित था, न कि 5,700 रुपये। चौधरी ने किसानों को MSP से कम कीमत मिलने की स्थिति और भावांतर योजना के लाभ को लेकर जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी।
कुणाल चौधरी ने भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, शिक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दे पहले भी चर्चा में रहे हैं।
कुणाल चौधरी ने अपने बयान में सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा को लेकर भी टिप्पणी की। उनके लगाए आरोपों और मांगों पर संबंधित सरकार या अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।