पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पनघटा में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों के अभिभावक शिवपुरी कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय की व्यवस्थाओं की जांच कराने और समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।
अभिभावकों ने आवेदन में बताया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में विद्यालय का प्राचार्य पद रिक्त है। उनके अनुसार नियमित कक्षाओं और पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराने में दिक्कतें आ रही हैं, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पालकों ने प्राचार्य पद पर जल्द नियुक्ति किए जाने की मांग की है, ताकि विद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन बेहतर तरीके से हो सके।
ज्ञापन में अभिभावकों ने कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि तकनीकी शिक्षा के लिए आवश्यक स्टाफ नहीं होने से विद्यार्थियों को अपेक्षित शैक्षणिक सुविधा नहीं मिल पा रही है। अभिभावकों ने यह भी दावा किया कि कुछ विद्यार्थियों को अभी तक पूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
अभिभावकों ने विद्यालय में पेयजल सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। आवेदन में हैंडपंप, वाटर कूलर और फिल्टर की स्थिति को लेकर शिकायत की गई है। उन्होंने हाल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने का भी उल्लेख किया और विद्यालय की पेयजल एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जांच कराने की मांग की। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

विद्यालय की मैस में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और मैस की व्यवस्थाओं की जांच कराने का अनुरोध किया है।
अभिभावकों ने कलेक्टर से मांग की कि विद्यालय का सात दिनों के भीतर औचक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने शिक्षा, शिक्षकों, पुस्तकों, पेयजल और भोजन सहित सभी व्यवस्थाओं की जांच कर कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने की मांग रखी। इसके साथ ही अभिभावकों ने शिकायत करने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का प्रतिकूल व्यवहार नहीं किए जाने का अनुरोध किया।
ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने विद्यालय की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक सुधार कराने की मांग की है। अब प्रशासन की जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही शिकायतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।