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ई-अटेंडेंस के विरोध में कृषि विस्तार अधिकारियों का आंदोलन तेज, 11 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस और ई-एचआरएमएस व्यवस्था के विरोध में कृषि विस्तार अधिकारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार का ऐलान किया है। उनका कहना है कि फील्ड आधारित कार्य के कारण यह व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। मांगें पूरी नहीं होने पर 11 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।

By: Nivedita 
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ई-अटेंडेंस के विरोध में कृषि विस्तार अधिकारियों का आंदोलन तेज, 11 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

मध्य प्रदेश में ई-अटेंडेंस और ई-एचआरएमएस व्यवस्था को लेकर कृषि विस्तार अधिकारियों का विरोध बढ़ता जा रहा है। बैतूल सहित प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार का ऐलान करते हुए सरकार से व्यवस्था में बदलाव की मांग की है।

फील्ड कार्य का हवाला देकर व्यवस्था पर उठाए सवाल

कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है कि उनका काम पूरी तरह मैदानी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उन्हें गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करना, योजनाओं का क्रियान्वयन करना और कृषि संबंधी सेवाएं उपलब्ध करानी होती हैं। ऐसे में मुख्यालय पहुंचकर ई-अटेंडेंस दर्ज करना उनके लिए व्यवहारिक नहीं है। अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यालयों की कमी, जरूरी संसाधनों का अभाव और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी सामने रखा है।

भत्ता और सुविधाओं को लेकर भी जताई नाराजगी

कृषि विस्तार अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान साइकिल भत्ता उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उनका तर्क है कि हर महीने बड़ी संख्या में गांवों का दौरा करना पड़ता है, जिसके लिए पर्याप्त सुविधाओं की आवश्यकता है।

 

जरूरी सेवाएं रहेंगी जारी

आंदोलन के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी जरूरी सेवाएं जैसे बीज और खाद वितरण प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। हालांकि अन्य ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा।

10 अगस्त तक सरकार को दिया अल्टीमेटम

कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने सरकार को 10 अगस्त तक समाधान का समय दिया है। संगठन का कहना है कि यदि इस अवधि में लिखित आश्वासन नहीं मिला तो 11 अगस्त से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ के अनुसार, हड़ताल की स्थिति में कृषि योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है।

 

रिपोर्ट – कमलाकर तायवाड़े

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