बताया कि वर्तमान में 19 पुल निर्माणाधीन हैं, इनमें से ज्यादातर दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे और जो बचेंगे वह मार्च 2027 तक बनकर पूरे हो जाएंगे।
बताया कि वर्तमान में 19 पुल निर्माणाधीन हैं, इनमें से ज्यादातर दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे और जो बचेंगे वह मार्च 2027 तक बनकर पूरे हो जाएंगे।
बैठक में सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और मोबिलिटी प्लान पर चर्चा की गई। 2004 और 2016 के सिंहस्थ के डेटा के साथ-साथ नासिक कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए।
आश्रम के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संतों को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ 2028 में आने का निमंत्रंण भी दिया।
अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशासन के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है, जिसमें खास तौर पर सिंहस्थ पर्व की व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
उत्सव के दूसरे चरण में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। इस आयोजन में कई जनप्रतिनिधि और संत महात्मा भी शामिल होंगे।
उज्जैन, मध्य प्रदेश में 2028 में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ एक ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है। इस बार सिंहस्थ में लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।