सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कों और अन्य विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने गुरुवार को निर्माणाधीन सड़कों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नानाखेड़ा चौराहा सिक्स लेन सड़क और लालपुल से भूखी माता होते हुए मुरलीपुरा तक बन रही सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई।
निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त ने मौके पर ही सड़क का हिस्सा खुदवाकर निर्माण सामग्री के नमूने निकलवाए। इन सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया ताकि गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
इस दौरान लोक निर्माण विभाग की केंद्रीय परीक्षण प्रयोगशाला की टीम भी मौजूद रही। संभाग आयुक्त ने प्रयोगशाला का निरीक्षण कर विभिन्न परीक्षण मशीनों और प्रक्रियाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। सड़क निर्माण, ब्रिज, घाट और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिंहस्थ-2028 के किसी भी निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्यों की नियमित जांच और रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
प्रशासन का लक्ष्य सिंहस्थ-2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाना है। इसके लिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।