संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
निरीक्षण के दौरान सिंहस्थ के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने और शहर में व्यवस्थित यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। प्रशासन द्वारा लगातार सड़क निर्माण के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी जारी है।
खास बात यह है कि पिंगलेश्वर में भी एक नया हॉल्टिंग स्टेशन विकसित किया जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान यात्रियों का दबाव कम किया जा सके।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने बताया कि उज्जैन की सभी प्रमुख जल संरचनाओं के किनारे कम से कम 1 लाख वेटिवर ग्रास स्लिप्स लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वेटिवर ग्रास को ‘वंडर ग्रास’ माना जाता है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कोठी रोड संकुल से देवास रोड होते हुए विक्रम नगर तक लगभग 2 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से बने इस मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
टेंट सिटी और अस्थायी ढांचों की सुरक्षा को देखते हुए फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया गया है। फायर ब्रिगेड को अलर्ट रखने और समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम दो वर्षों में कुल 25 लाख पौधारोपण कर शहर को हरियाली से भरने की तैयारी है। इस अभियान के लिए नगर निगम और नगरीय प्रशासन विभाग संयुक्त रूप से बजट उपलब्ध करा रहे हैं।
बताया कि वर्तमान में 19 पुल निर्माणाधीन हैं, इनमें से ज्यादातर दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे और जो बचेंगे वह मार्च 2027 तक बनकर पूरे हो जाएंगे।
बैठक में सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और मोबिलिटी प्लान पर चर्चा की गई। 2004 और 2016 के सिंहस्थ के डेटा के साथ-साथ नासिक कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए।
आश्रम के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संतों को उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ 2028 में आने का निमंत्रंण भी दिया।
अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशासन के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई है, जिसमें खास तौर पर सिंहस्थ पर्व की व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
उत्सव के दूसरे चरण में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी। इस आयोजन में कई जनप्रतिनिधि और संत महात्मा भी शामिल होंगे।
उज्जैन, मध्य प्रदेश में 2028 में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ एक ऐतिहासिक और विशाल धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है। इस बार सिंहस्थ में लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।