आस्था की नगरी उज्जैन अब हरियाली की नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रही है। सिंहस्थ 2028 को लेकर नगर निगम ने 2 साल में 25 लाख पौधे लगाने का मेगा प्लान तैयार किया है। खास बात ये है कि इस बार सिर्फ पौधारोपण ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और देखरेख पर भी पूरा फोकस रहेगा।

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर ग्रीन डेवलपमेंट प्लान लागू किया जा रहा है। नगर निगम को इस साल 10 लाख और अगले साल 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। यानी दो वर्षों में कुल 25 लाख पौधारोपण कर शहर को हरियाली से भरने की तैयारी है। इस अभियान के लिए नगर निगम और नगरीय प्रशासन विभाग संयुक्त रूप से बजट उपलब्ध करा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के बदले मिले करीब 2 करोड़ रुपए और शासन स्तर से मिलने वाले अतिरिक्त फंड का उपयोग किया जाएगा।
पौधारोपण के लिए शहर की खाली और अनुपयोगी जमीनों का सर्वे किया जा चुका है। शुरुआती चरण में विक्रम विश्वविद्यालय परिसर, तरणताल, एमआर-5 रोड, चकोर पार्क सहित करीब 10 प्रमुख स्थान चिन्हित किए गए हैं। वहीं शहर के लगभग 400 उद्यानों और अलग-अलग जोन में भी पौधे लगाए जाएंगे। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पूरे शहर को जोन में बांटकर अलग-अलग स्थानों के अनुसार पौधों का चयन किया जा रहा है। जिसमें नीम, गुलमोहर और छायादार पेड़ शामिल हैं। साथ ही नदी किनारे भी विशेष प्लांटेशन कर पर्यावरण संतुलन पर ध्यान दिया जाएगा।
इस बार पौधारोपण के बाद उनकी 2 साल तक सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार को दी जाएगी। ताकि पौधे सिर्फ लगाए ही नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहें। इसके साथ ही समाजसेवी संस्थाओं और NGO को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि जनभागीदारी के जरिए इस मिशन को सफल बनाया जा सके। कुल मिलाकर, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से पहले शहर को ग्रीन, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में यह एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
उज्जैन से संवाददाता प्रियंक की रिपोर्ट