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भोपाल के बड़े तालाब पर मंडराता संकट, ‘जल समागम’ में उठी चिंता

भोपाल के भारत भवन में आयोजित ‘जल समागम’ के दौरान बड़े तालाब (भोजताल) को लेकर चिंता जताई गई। समाजसेवी सुरेश साहू ने कहा कि अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण तालाब खतरे में है। स्थानीय लोगों के अनुसार आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी सीधे तालाब में मिल रहा है। लोगों ने तालाब का दोबारा सीमांकन और सीवेज रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

By: Nivedita 
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भोपाल के बड़े तालाब पर मंडराता संकट, ‘जल समागम’ में उठी चिंता

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भारत भवन में सात दिवसीय ‘जल समागम’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर से आए जल संरक्षण विशेषज्ञ, पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता जल संकट से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

बड़ा तालाब को लेकर जताई गई गंभीर चिंता

इसी दौरान भोपाल के समाजसेवी सुरेश साहू ने शहर की पहचान माने जाने वाले बड़े तालाब (भोजताल) की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कभी जीवन रेखा रहे इस तालाब पर आज गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

अतिक्रमण और प्रदूषण से बिगड़ती स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 1955-60 के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी सीधे तालाब में मिल रहा है, जिससे इसका जल स्तर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

सीमांकन और सीवेज नियंत्रण की मांग

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि पुराने रिकॉर्ड के आधार पर बड़े तालाब का पुनः सीमांकन किया जाए और सीवेज के प्रवाह को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। लोगों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।

प्रशासन पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि वह इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और तालाब के संरक्षण को लेकर क्या रणनीति अपनाई जाती है।

 

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