मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी का है, जहां देर रात तीन बदमाशों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। आरोपियों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया, पूरे मकान की तलाशी ली और अंत में गुल्लक तोड़कर उसमें रखी करीब चार से पांच हजार रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार मकान मालिक देवेंद्र अपने परिवार के साथ किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गए थे। इसी दौरान बदमाशों ने सूने घर को निशाना बनाया। घर के कमरों, अलमारियों और दराजों की तलाशी लेने के बाद जब उन्हें कोई कीमती सामान नहीं मिला तो उन्होंने गुल्लक तोड़कर उसमें रखी नकदी चुरा ली।
सुबह करीब पांच बजे जब परिवार वापस लौटा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था और अलमारियां खुली थीं। जांच करने पर गुल्लक से नकदी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जांच के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। फुटेज में तीन संदिग्ध युवक केवल चड्डी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथों में पत्थर लिए कॉलोनी में घूमते नजर आए। पुलिस का मानना है कि पत्थरों का इस्तेमाल ताला तोड़ने या जरूरत पड़ने पर प्रतिरोध करने के लिए किया गया होगा। फिलहाल फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

घटना के बाद ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। लोगों ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच करने और कॉलोनियों में CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और आसपास के थाना क्षेत्रों को भी सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी तरह की कार्यप्रणाली वाले गिरोह द्वारा प्रदेश के अन्य जिलों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिए जाने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पकड़े जाने वाले आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।