नवादा। सदर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में छात्राओं ने परिसर में निर्माण कार्य को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर बैठकर भूख हड़ताल शुरू की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय के आवासीय परिसर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के स्टाफ के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। छात्राओं ने इस निर्माण को अपनी सुरक्षा से जोड़ते हुए तत्काल रोकने की मांग की है।
विरोध कर रही छात्राओं का कहना है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के आसपास बने भवन छात्राओं के आवास और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। ऐसे में इसी परिसर के भीतर DIET के कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन बनाए जाने से परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है। छात्राओं ने आशंका जताई कि यदि स्टाफ क्वार्टर का निर्माण इसी परिसर में किया जाता है तो विद्यालय के आवासीय वातावरण पर असर पड़ सकता है और उन्हें सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी।
निर्माण कार्य के विरोध में छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य गेट पर बैठकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्राओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगी। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने निर्माण स्थल को विद्यालय के आवासीय परिसर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई।

विरोध कर रही छात्राओं ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं—
आवासीय परिसर में चल रहे नए भवन के निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।
छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण स्थल को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
छात्राओं का कहना है कि उनकी मांग विद्यालय में सुरक्षित और शांतिपूर्ण आवासीय वातावरण बनाए रखने से जुड़ी है।
छात्राओं ने कहा कि यदि DIET स्टाफ के लिए आवासीय क्वार्टर विद्यालय के परिसर में बनाया जाता है तो वहां कर्मचारियों और अन्य लोगों का आना-जाना बढ़ सकता है। इसी वजह से छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कह रही हैं। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले छात्राओं की सुरक्षा और आवासीय व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की है।
फिलहाल छात्राओं के विरोध के बीच विद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के मौके पर पहुंचने की जानकारी नहीं है। छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं और निर्माण कार्य रोकने की मांग कर रही हैं। अब प्रशासन की ओर से छात्राओं की शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है और निर्माण कार्य को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है।