भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने खाद संकट, फसल खरीदी में अनियमितताओं और किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने अलग अंदाज में प्रदर्शन किया। विधायक हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध जताया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खरीफ सीजन में खाद की कमी से परेशान हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जमीनी समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल दावे कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान खाद के लिए परेशान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को जरूरत के समय खाद उपलब्ध कराने के बजाय केवल टोकन दिए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मूंग, गेहूं और सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है और फसल नुकसान की स्थिति में पर्याप्त मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा।
कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक आंदोलन जारी रखेगी। मानसून सत्र के पहले दिन हुए इस प्रदर्शन से साफ है कि कांग्रेस किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में पहुंची है।
किसानों के मुद्दे पर शुरू हुई सियासी बहस अब विधानसभा के भीतर भी देखने को मिल सकती है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब देती है और सदन में इस मुद्दे पर कितनी चर्चा होती है।