भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अभय मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर भी भाजपा पर राजनीतिक मिलीभगत का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत के दौरान अभय मिश्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए गए शिक्षा संबंधी मुद्दों का समर्थन किया। उन्होंने स्कूली शिक्षा में विद्यार्थियों के रिटेंशन और पढ़ाई बीच में छोड़ने से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि बड़ी संख्या में बच्चे 12वीं कक्षा तक पहुंचने से पहले ही शिक्षा व्यवस्था से बाहर हो जाते हैं। उन्होंने इस स्थिति को देश के युवाओं के भविष्य और डेमोग्राफिक डिविडेंड से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
स्कूली शिक्षा के आधिकारिक UDISE+ आंकड़ों के मुताबिक, उच्च माध्यमिक स्तर पर रिटेंशन दर 2024-25 में 47.2 प्रतिशत थी, जो 2025-26 में बढ़कर 51.9 प्रतिशत हुई। वहीं, 2025-26 में माध्यमिक स्तर की रिटेंशन दर 83.7 प्रतिशत दर्ज की गई। ऐसे में कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों के साथ शिक्षा से जुड़े नवीनतम सरकारी आंकड़े भी चर्चा में हैं।
अभय मिश्रा ने भारत की युवा आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि देश के सामने युवाओं की बड़ी आबादी को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की चुनौती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व भाषणों में डेमोग्राफिक डिविडेंड को लेकर कही गई बातों का हवाला देते हुए सरकार से युवाओं के लिए प्रभावी अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मध्य प्रदेश दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर कांग्रेस नेता ने भाजपा और ओवैसी के बीच कथित राजनीतिक तालमेल का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ओवैसी की राजनीति से भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचता है। अभय मिश्रा ने दोनों दलों पर समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। ये आरोप कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणी हैं और इनके समर्थन में उन्होंने अपने तर्क पेश किए।
कांग्रेस नेता ने शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ रोजगार के अवसरों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना है कि देश की युवा आबादी को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस नीतियों की आवश्यकता है। कांग्रेस की ओर से शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया जा रहा है। वहीं, आधिकारिक UDISE+ आंकड़े स्कूली शिक्षा में रिटेंशन और अन्य संकेतकों में हालिया सुधार भी दर्ज करते हैं।
अभय मिश्रा के बयान के बाद शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य के साथ-साथ ओवैसी की राजनीति को लेकर भी सियासी बहस तेज हुई है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से सरकार पर लगाए गए आरोपों पर संबंधित भाजपा नेताओं या सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।