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शिक्षा व्यवस्था पर जीतू पटवारी के सवाल, कांग्रेस ने सरकार से मांगा श्वेतपत्र

भोपाल में जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक पदों की रिक्तियों और युवाओं के उच्च शिक्षा से बाहर रहने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने शिक्षा पर श्वेतपत्र, रिक्त पदों को भरने और शिक्षा से रोजगार तक समयबद्ध रोडमैप की मांग की। पार्टी ने छात्रों की समस्याओं को लेकर 'छात्रों की गूंज' अभियान चलाने की भी घोषणा की।

By: Nivedita 
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शिक्षा व्यवस्था पर जीतू पटवारी के सवाल, कांग्रेस ने सरकार से मांगा श्वेतपत्र

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने युवाओं की शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़ी स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत के सामने मौजूद जनसांख्यिकीय लाभांश को लेकर गंभीर चुनौतियां हैं।

शिक्षा से बाहर बच्चों और युवाओं का मुद्दा

पटवारी ने कांग्रेस की ओर से पेश किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा से बाहर हैं। पार्टी के मुताबिक करीब 10 करोड़ से अधिक युवा उच्च शिक्षा के दायरे में नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि लगभग 12 करोड़ बच्चे 12वीं कक्षा तक नहीं पहुंचते। कांग्रेस ने करीब 8.7 करोड़ युवाओं के शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर होने का भी दावा किया।

UDISE+ के आंकड़ों का दिया हवाला

पटवारी ने स्कूल शिक्षा की स्थिति पर बात करते हुए UDISE+ के आंकड़ों का उल्लेख किया। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक UDISE+ 2025-26 आंकड़ों में माध्यमिक स्तर पर छात्र-रिटेंशन में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है। 2025-26 में यह दर 51.9 प्रतिशत रही, जो 2024-25 के 47.2 प्रतिशत से अधिक है। कांग्रेस ने अपने आकलन में कक्षा 1 से 12वीं तक विद्यार्थियों के पहुंचने की दर और सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी जैसे मुद्दे भी उठाए।

सरकारी स्कूलों और शिक्षकों की कमी पर सवाल

कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों की संख्या और शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। पार्टी के अनुसार देश में करीब 7.48 लाख शिक्षक पद खाली हैं, जबकि मध्य प्रदेश में 69 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। वहीं, आधिकारिक UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के मुताबिक देश में कुल शिक्षकों की संख्या करीब 1.03 करोड़ रही और एक साल में शिक्षक संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उच्च शिक्षा में GER को लेकर उठाई चिंता

पटवारी ने उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात यानी GER का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि GER करीब 30 प्रतिशत के आसपास है और बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा से बाहर रह जाते हैं। उन्होंने शिक्षा से लेकर रोजगार तक युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

सरकार से श्वेतपत्र जारी करने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत श्वेतपत्र जारी करने की मांग की। इसके साथ ही रिक्त शिक्षक पदों को भरने, सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा शिक्षा से रोजगार तक स्पष्ट और समयबद्ध रोडमैप तैयार करने की मांग रखी।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान की घोषणा

कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा की बढ़ती लागत का विषय सामने रखा। कांग्रेस ने छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज को सामने लाने के लिए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की बात कही।

शिक्षा के आंकड़ों पर सियासी बहस

शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बीच सरकारी आंकड़ों में कुछ संकेतकों में सुधार भी दर्ज हुआ है। UDISE+ 2025-26 के अनुसार माध्यमिक स्तर पर रिटेंशन में बढ़ोतरी हुई है और स्कूल शिक्षा में कुल शिक्षक संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को लेकर आंकड़ों की व्याख्या और नीतिगत प्राथमिकताओं पर राजनीतिक बहस जारी है।

 

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