1. हिन्दी समाचार
  2. Bhopal
  3. भोपाल: राज्य स्तरीय अभियंता दिवस पर सीएम मोहन यादव ने इंजीनियरों को बताया विकास की रीढ़

भोपाल: राज्य स्तरीय अभियंता दिवस पर सीएम मोहन यादव ने इंजीनियरों को बताया विकास की रीढ़

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंजीनियरों को विकास की रीढ़ बताया। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर-एम्प्री और पीडब्ल्यूडी के बीच एमओयू हुआ, जिसके तहत फ्लाईएश से सड़क और ग्रीन बिल्डिंग पर काम होगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 19 इंजीनियरों सहित दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

By: Nivedita 
Updated:
भोपाल: राज्य स्तरीय अभियंता दिवस पर सीएम मोहन यादव ने इंजीनियरों को बताया विकास की रीढ़

राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य स्तरीय ‘अभियंता दिवस’ (इंजीनियरर्स डे) समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत करते हुए प्रदेश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका को रीढ़ की हड्डी बताया। समारोह के दौरान बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण में नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर-एम्प्री (CSIR-AMPRI) और मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) भी हस्ताक्षरित किया गया।

प्राचीन वास्तुकला से लेकर आधुनिक तकनीकी नवाचारों पर चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम के गायन के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्याओं के समाधान और बेहतर सोच का माध्यम है। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की प्राचीन और समृद्ध स्थापत्य कला का जिक्र किया। सीएम ने अजंता-एलोरा की गुफाओं, प्रसिद्ध कैलाश मंदिर और मंदसौर के ऐतिहासिक धर्मराजेश्वर मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी तकनीकी विरासत हजारों साल पुरानी है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग के नए प्रयोगों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार राज्य में नवाचारी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

फ्लाईएश और ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी पर रहेगा विशेष जोर

सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल और एमपी लोक निर्माण विभाग के बीच हुए इस नए अनुबंध के तहत अब पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों पर काम किया जाएगा। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से फ्लाईएश आधारित सीमेंट का उपयोग करके सड़कों का निर्माण करने जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी दी कि भविष्य में प्रदेश के सभी नए सरकारी भवनों का निर्माण ‘ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी’ के मानकों के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने इंजीनियरों के लिए परफेक्शन, अनुभव और खोजी स्वभाव को बेहद जरूरी बताया। साथ ही यह भी साझा किया कि पिछले नौ महीनों के भीतर राज्य के लगभग 85 प्रतिशत इंजीनियरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने कहा कि मजबूत सड़कें समाज के हर वर्ग—जैसे किसानों को बाजार, युवाओं को स्कूल और महिलाओं को रोजगार—से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। वर्तमान में विभाग का पूरा जोर आधुनिक निर्माण तकनीकों और सड़क सुरक्षा (रोड सेफ्टी) पर है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 19 अभियंता हुए सम्मानित

समारोह के अंतिम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन और बेहतरीन कार्य करने वाले प्रदेश के 19 इंजीनियरों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रमुख अभियंताओं में ईश्वर सिंह चंदेली, मानवेंद्र सिंह सेंगर, मनीष कुमार शर्मा, अर्चित लाहौटी और अमन अग्रवाल शामिल रहे। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त सचिव सतीश चंद्र पांडे और सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जीएस पल्नितकर को उनके विशिष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...